
तुलसी विवाह – संपूर्ण विधि, कथा, महत्व और लाभ
परिचय तुलसी विवाह हिंदू धर्म का एक पावन और मंगलकारी पर्व है, जो कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी या द्वादशी तिथि को मनाया
हमारे ब्लॉग सेक्शन में धर्म, पूजा, यज्ञ और वैदिक परंपराओं से जुड़े उपयोगी लेख पढ़ें। यहाँ आपको पूजा-विधि, संस्कारों का महत्व और आध्यात्मिक ज्ञान सरल भाषा में मिलेगा।

परिचय तुलसी विवाह हिंदू धर्म का एक पावन और मंगलकारी पर्व है, जो कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी या द्वादशी तिथि को मनाया

परिचय महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित सबसे पावन पर्वों में से एक है। यह पर्व फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया

परिचय राम नवमी हिंदू धर्म का एक पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

परिचय नवग्रह शांति पूजा हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। नवग्रह का अर्थ है नौ ग्रह – सूर्य, चंद्र, मंगल,

परिचय काल सर्प दोष ज्योतिष शास्त्र में एक गंभीर दोष माना जाता है। जब जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ

परिचय महालक्ष्मी व्रत हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन और फलदायी व्रत माना जाता है। यह व्रत माँ लक्ष्मी के महालक्ष्मी स्वरूप को समर्पित होता

परिचय संतान गोपाल पूजा भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को समर्पित एक अत्यंत पावन और प्रभावशाली पूजा मानी जाती है। इस पूजा को विशेष रूप

परिचय सरस्वती पूजा विद्या, बुद्धि, ज्ञान, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती को समर्पित एक पावन पर्व है। यह पूजा विशेष रूप से बसंत

परिचय दीपावली हिंदू धर्म का सबसे प्रमुख और पावन पर्व माना जाता है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश की विजय, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई

परिचय सत्यनारायण व्रत हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और फलदायी व्रत माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप को समर्पित होता

परिचय गृह प्रवेश पूजा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। जब कोई व्यक्ति नया घर बनवाता है या नए

परिचय रुद्राभिषेक भगवान शिव की उपासना की एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली विधि मानी जाती है। इसमें शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद और

परिचय दुर्गा पूजा (नवरात्रि) हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व माँ दुर्गा की उपासना को समर्पित होता है, जिन्हें

📖 परिचय नामकरण संस्कार हिन्दू धर्म के षड्भार्मिक संस्कारों में से एक है। यह संस्कार नवजात शिशु के जन्म के बाद किया जाता है और

📖 परिचय वास्तु शास्त्र एक प्राचीन हिन्दू विद्या है, जो घर, कार्यालय और व्यापारिक स्थानों में ऊर्जा के संतुलन और सकारात्मक वातावरण बनाने पर आधारित

📖 परिचय तुलसी विवाह हिन्दू धर्म में एक अत्यंत शुभ पर्व है। यह आयोजन विशेष रूप से कार्तिक मास की द्वादशी या अन्य पवित्र तिथियों

📖 परिचय महाशिवरात्रि भगवान शिव का प्रमुख त्यौहार है, जो फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इसे रात्रि जागरण और

📖 परिचय राम नवमी भगवान श्रीराम के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। यह त्यौहार चैत्र मास की नवमी तिथि को आता है। राम

📖 परिचय नवग्रह शांति पूजा हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। नवग्रह – सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु –

📖 परिचय कालसर्प दोष तब उत्पन्न होता है जब जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित हो जाते हैं। यह दोष

📖 परिचय महालक्ष्मी व्रत माता लक्ष्मी जी की आराधना का विशेष पर्व है। यह व्रत मुख्यतः भाद्रपद शुक्ल अष्टमी से प्रारंभ होकर 16 दिनों तक

📖 परिचय संतान गोपाल पूजा भगवान श्रीकृष्ण के संतान स्वरूप की आराधना है। यह विशेष पूजा उन दंपतियों के लिए फलदायी मानी जाती है जो

प्रस्तावना भारतीय संस्कृति में प्रत्येक देवी-देवता का अपना विशेष महत्व है। माँ सरस्वती को ज्ञान, विद्या, बुद्धि और कला की देवी माना जाता है। बसंत

प्रस्तावन भारत पर्वों की भूमि है और यहाँ हर त्योहार धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व लेकर आता है। दीपावली, जिसे “प्रकाश का पर्व” कहा जाता

प्रस्तावना भारतीय संस्कृति में प्रत्येक व्रत और पूजा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि जीवन में नैतिकता, शांति और सुख-समृद्धि लाना है। उन्हीं

प्रस्तावना भारतीय परंपराओं में हर नए कार्य की शुरुआत शुभ मुहूर्त और पूजा-अर्चना से होती है। जब कोई परिवार नए घर में प्रवेश करता है,

प्रस्तावना भारत की प्राचीन परंपराएँ और धार्मिक अनुष्ठान सदियों से लोगों को आस्था, शांति और समृद्धि का मार्ग दिखाते आए हैं। उन्हीं में से एक

प्रस्तावना भारत त्योहारों की भूमि है और यहाँ हर पर्व अपने साथ सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व लेकर आता है। इन्हीं में से एक है
मैं आचार्य संतोष मिश्रा, अब तक 250 से अधिक महायज्ञ सम्पन्न कराने का सौभाग्य प्राप्त कर चुका हूँ। महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह समाज और परिवार के लिए शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक शक्ति का माध्यम है।