परिचय
गृह प्रवेश पूजा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। जब कोई व्यक्ति नया घर बनवाता है या नए घर में पहली बार प्रवेश करता है, तब गृह प्रवेश पूजा कराई जाती है। इस पूजा का उद्देश्य घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि का वास कराना होता है।
शास्त्रों के अनुसार, बिना पूजा किए नए घर में प्रवेश करने से वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हो सकता है। इसलिए गृह प्रवेश से पहले विधिवत पूजा करना आवश्यक माना गया है।
गृह प्रवेश पूजा का धार्मिक महत्व
गृह प्रवेश पूजा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है। इस पूजा के माध्यम से घर में निवास करने वाले सभी सदस्यों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की जाती है।
गृह प्रवेश पूजा के मुख्य उद्देश्य
- घर से नकारात्मक शक्तियों का नाश
- देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करना
- वास्तु दोषों को शांत करना
- परिवार में सुख, शांति और समृद्धि लाना
गृह प्रवेश पूजा के प्रकार
शास्त्रों में गृह प्रवेश पूजा के तीन प्रमुख प्रकार बताए गए हैं।
1. अपूर्व गृह प्रवेश
जब व्यक्ति पहली बार नए बने घर में प्रवेश करता है, तब इसे अपूर्व गृह प्रवेश कहा जाता है।
2. सपूर्व गृह प्रवेश
यदि किसी कारणवश व्यक्ति कुछ समय के लिए घर छोड़कर पुनः उसी घर में प्रवेश करता है, तो इसे सपूर्व गृह प्रवेश कहते हैं।
3. द्वांड्व गृह प्रवेश
प्राकृतिक आपदा, अग्निकांड या किसी अन्य कारण से घर छोड़ने के बाद पुनः प्रवेश करने को द्वांड्व गृह प्रवेश कहा जाता है।
गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त
गृह प्रवेश पूजा हमेशा शुभ मुहूर्त में करनी चाहिए। पंचांग के अनुसार सही तिथि और नक्षत्र का चयन किया जाता है।
गृह प्रवेश के लिए शुभ माने जाने वाले समय
- वसंत ऋतु और उत्तरायण
- शुभ नक्षत्र जैसे रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी
- गुरुवार, सोमवार और बुधवार
चातुर्मास, श्राद्ध पक्ष और ग्रहण काल में गृह प्रवेश से बचना चाहिए।
गृह प्रवेश पूजा की तैयारी
गृह प्रवेश से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। पूजा वाले दिन घर में खालीपन नहीं होना चाहिए, इसलिए कुछ आवश्यक वस्तुएं पहले से रख दी जाती हैं।
आवश्यक पूजा सामग्री
- कलश, नारियल, आम के पत्ते
- गंगाजल या शुद्ध जल
- हल्दी, कुमकुम, चावल
- दीपक, घी, धूप, अगरबत्ती
- फूल, माला
- श्री गणेश और लक्ष्मी जी की प्रतिमा
- दूध, चावल, मिठाई और फल
गृह प्रवेश पूजा की संपूर्ण विधि
1. मुख्य द्वार पर पूजा
घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाएं और स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं।
2. कलश स्थापना
कलश में जल भरकर उसमें आम के पत्ते और नारियल रखें। इसे ईशान कोण में स्थापित करें।
3. गणेश पूजन
सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें ताकि सभी विघ्न दूर हों।
4. नवग्रह पूजन
नवग्रहों की पूजा कर ग्रह दोषों को शांत किया जाता है।
5. लक्ष्मी पूजन
माँ लक्ष्मी की पूजा कर घर में धन-धान्य और समृद्धि की कामना की जाती है।
6. हवन
हवन करने से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है।
7. उबालते दूध का प्रवेश
घर में प्रवेश करते समय दूध को उबालकर बाहर गिरने दें। यह समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
गृह प्रवेश पूजा के प्रमुख मंत्र
गृह प्रवेश पूजा में मंत्रों का विशेष महत्व होता है।
- ॐ गं गणपतये नमः
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
- ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
- ॐ नमः शिवाय
गृह प्रवेश पूजा में ध्यान रखने योग्य बातें
- पूजा के दिन घर खाली न छोड़ें
- गृह प्रवेश हमेशा दाहिना पैर पहले रखें
- पूजा के दिन घर में विवाद न करें
- घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक बातचीत न करें
गृह प्रवेश पूजा से मिलने वाले लाभ
गृह प्रवेश पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। परिवार के सदस्यों में प्रेम और सौहार्द बना रहता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
निष्कर्ष
गृह प्रवेश पूजा नए जीवन की शुभ शुरुआत का प्रतीक है। विधि और श्रद्धा से की गई यह पूजा घर को मंदिर के समान पवित्र बनाती है। भगवान की कृपा से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
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